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गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को न्यायिक हिरासत में भेजा गया होटवार जेल, भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में हुई पेशी 

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द फॉलोअप डेस्कः
कुख्यात गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार जेल भेज दिया गया है। बता दें कि बेहद गोपनीय तरीके से उसे रांची सिविल कोर्ट में पेश किया गया और फिर उसे कड़ी सुरक्षा के बीच उसे होटवार जेल भेजा गया। कोर्ट में पेशी के दौरान उच्च कोटि के सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखा गया था। जिसके बाद अदालत ने अमन को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। गौरतलब है कि झारखंड में सक्रिय पांडेय गिरोह और श्रीवास्तव गिरोह में वर्चस्व को लेकर विवाद है। दोनों गैंग के बीच हुए गैंगवार में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। अमन श्रीवास्तव के पिता  सुशील श्रीवास्तव की हत्या भी हजारीबाग कोर्ट में दिनदहाड़े एके 47 राइफल से हुई थी। सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड को अंजाम पांडेय गिरोह ने ही दिया था। पिता की हत्या के बाद अमन ही गिरोह की कमान संभाल रहा था। बता दें कि पिछले 8 सालों से कोयला कारोबारियों के बीच दहशत का पर्याय था अमन श्रीवास्तव। झारखंड एटीएस की टीम अमन श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। कल बुधवार को भारी सुरक्षा के बीच टीम उसे लेकर रांची पहुंची थी। बता दें कि मुंबई से सोमवार को अमन को गिरफ्तार किया गया था। मालूम हो कि अमन श्रीवास्तव की तूती झारखंड के हर कोयला बेल्ट में बोलती थी। उसका एक फोन किसी भी कोयला कारोबारी के लिए दहशत भरा होता था। 


महाराष्ट्र ATS का मिला सहयोग 
पिछले 8 सालों से झारखंड पुलिस अमन को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही थी लेकिन वह हर बार चकमा देकर निकल जाता था। आखिरकार महाराष्ट्र एटीएस के सहयोग से वह मुंबई में पकड़ा गया। अमन की गिरफ्तारी में झारखंड पुलिस के एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। संजय लाटकर महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। इसलिए महाराष्ट्र एटीएस से जिस भी तरह के सहयोग की जरूरत पड़ी वहां से की गई। अमन काफी समय से मुंबई में ही रह रहा था। वह इतना शातिर था कि पकड़ में ही नहीं आ रहा था। वह लगातार अपने लोकेशन और फोन नंबर को बदलता रहता था। हालांकि झारखंड एटीएस की टीम को यह जानकारी मिल गई थी कि सबसे ज्यादा आने जाने के लिए अमन श्रीवास्तव मुंबई के वाशी रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल करता है।


23 मामले दर्ज हैं अमन के खिलाफ 

पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को प्रेस कांन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि 7-8 सालों से आतंक का पर्याय रहा गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव कुल 23 जघन्य अपराध घटनाओं में वांछित था। जिसमें हत्या के दो, हत्या के प्रयास का 4, रंगदारी के 13, आर्म्स एक्ट के दो, यूएपी एक्ट का भी एक कांड शामिल है। इसके अतिरिक्त अमन श्रीवास्ताव गैंग के विरुद्ध राज्य के अन्य जिलों में और भी कई कांड दर्ज है। गैंगस्टर अमन राज्य के कोयला उत्खनन क्षेत्र एवं विकास योजनाओं में कार्यरत कंपनियों एवं कारोबारियों के बीच भय का आतंक का माहौल बनाकर रंगदारी की मांग करता था। रंगदारी के लिए फायरिंग एवं अन्य घटना को अंजाम देता था। इसके कृत्य से व्यवस्सायी एवं आम जनता के बीच भय का माहौल बना रहता था। 
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